भारत के कानूनी और प्रशासनिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। केंद्र सरकार ने देश की सर्वोच्च अदालतों में अपना पक्ष मजबूती से रखने वाले शीर्ष कानून अधिकारियों के कार्यकाल को आगे बढ़ाने का अहम फैसला लिया है। 20 जून 2026 को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DPT) द्वारा जारी किए गए एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने भारत के सॉलिसिटर जनरल और सुप्रीम कोर्ट व दिल्ली उच्च न्यायालय के लिए कई अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASGs) की पुनर्नियुक्ति को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
सॉलिसिटर जनरल के पद पर तुषार मेहता की पुनर्नियुक्ति इस आदेश का सबसे प्रमुख हिस्सा भारत के सॉलिसिटर जनरल के पद को लेकर है। सरकार ने वर्तमान सॉलिसिटर जनरल (ऑडियो स्रोत में 'Tushar Mehta' के रूप में उल्लिखित, जिन्हें संदर्भ के अनुसार तुषार मेहता के रूप में जाना जाता है) को एक बार फिर से इस अति महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने सुप्रीम कोर्ट में भारत के सॉलिसिटर जनरल के रूप में उनके कार्यकाल को 1 जुलाई 2026 से अगले तीन वर्षों के लिए बढ़ा दिया है। यह नियुक्ति तीन साल की अवधि या अगले आदेश तक (जो भी स्थिति पहले आए) के लिए मान्य होगी।
इनका इस सर्वोच्च कानूनी पद पर एक लंबा और अनुभवी इतिहास रहा है। उन्होंने पहली बार 10 अक्टूबर 2018 को सॉलिसिटर जनरल के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया था। इसके पश्चात, उन्हें 1 जुलाई 2023 को भी इसी पद पर पुनर्नियुक्त किया गया था, और उनका वह कार्यकाल 30 जून 2026 को समाप्त होने वाला था।
सुप्रीम कोर्ट के लिए पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASGs) का विस्तार सॉलिसिटर जनरल के अलावा, सर्वोच्च न्यायालय में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाली कानूनी टीम को बनाए रखने के लिए पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASGs) को भी फिर से नियुक्त किया गया है। इन सभी अधिकारियों को भी सुप्रीम कोर्ट में अगले तीन साल के कार्यकाल के लिए मंजूरी दी गई है।
इन नियुक्तियों को उनकी प्रभावी तिथियों के आधार पर दो समूहों में बांटा गया है:
- 1 जुलाई 2026 से प्रभावी नियुक्तियां: विक्रमजीत बनर्जी के.एम. नटराज (KM Nitraj) का नया कार्यकाल 1 जुलाई 2026 से शुरू होगा।
- 30 जून 2026 से प्रभावी नियुक्तियां: सूर्य प्रकाश वी. राजू, एन. वेंकटरमन और ऐश्वर्या भाटी की पुनर्नियुक्ति 30 जून 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
दिल्ली उच्च न्यायालय में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल की नियुक्ति राष्ट्रीय स्तर के इन अधिकारियों के साथ-साथ, सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) में भी अपने प्रतिनिधित्व को निरंतर बनाए रखने का निर्णय लिया है। चेतन शर्मा को दिल्ली उच्च न्यायालय के लिए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के पद पर फिर से नियुक्त किया गया है। हालांकि, उनका कार्यकाल सुप्रीम कोर्ट के अधिकारियों की तरह तीन साल का नहीं है, बल्कि उन्हें 1 जुलाई 2026 से अगले 6 महीने की अवधि के लिए, या अगले आदेश तक (जो भी पहले हो), इस पद पर बनाए रखने की मंजूरी दी गई है।

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